नौकरी की तलाश करने वालों के लिए खुशखबरी, ये कंपनी करने जा रही है बंपर भर्ती

0
5


मिलेंगी बंपर नौकरियां

नई दिल्ली। कोरोना संकट का असर कम होने के साथ कंपनियां अब भर्ती के मूड में आ गई हैं। आईटी सेक्टर की कंपनी कॉग्निजेंट ने कहा है कि वह भारत में वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को नौकरी देने की तैयारी कर रही हैं। इसमें फ्रेशर औऱ अनुभवी दोनों ही शामिल होंगे।  

कितने लोगों को जॉब देगी कंपनी

कॉग्निजेंट इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक राजेश नांबियार ने कहा कि पहली तिमाही में भर्ती “पहले से कहीं अधिक” होगी। अमेरिका स्थित कंपनी के भारत में दो लाख से अधिक कर्मचारी हैं और उम्मीद है कि इस साल वह देश में 23,000 से अधिक नए स्नातकों की भर्ती करेगी। नांबियार ने कहा, “भारत हमेशा से कॉग्निजेंट का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है, और हमेशा बना रहेगा। 2020 में लगभग 2,04,500 लोगों के साथ भारत में कॉग्निजेंट के कर्मचारियों की संख्या सबसे अधिक थी। हम भारत में उच्च गुणवत्ता वाले इंजीनियरिंग, विज्ञान, प्रबंधन और अन्य प्रतिभाओं की भर्ती के लिहाज से अग्रणी बने रहेंगे।” उन्होंने कहा कि कंपनी ने वर्ष 2020 में 17,000 से अधिक नए स्नातकों को भर्ती किया और 2021 में 23,000 से अधिक नए स्नातकों को नियुक्त करने की उम्मीद है, जो 2020 के मुकाबले 35 प्रतिशत अधिक है। इसके साथ ही कंपनी इंटर्नशिप पर भी काफी जोर दे रही है।

 

यह भी पढ़ें: भारत से टक्कर लेने की कोशिश में पाकिस्तान से हुई बड़ी गलती, तंगी के बीच बढ़ गया घाटा

इस साल वेतन वृद्धि भी रहेगी बेहतर

इसके साथ ही साल 2021 में कंपनियां बेहतर वेतन बढ़ोतरी करने जा रही हैं। डेलॉयट टूचे टोहमात्सु इंडिया एलएलपी (DTTILLP) द्वारा 2021 वर्कफोर्स एंड इन्क्रीमेंट ट्रेंड्स सर्वे के पहले चरण में यह भी कहा गया कि इस साल का औसत इंक्रीमेंट 2020 के 4.4 प्रतिशत के मुकाबले कहीं अधिक होग। हालांकि यह वृद्धि 2019 से कम होगी। 2019 में कंपनियों द्वारा 8.6 प्रतिशत औसत इंक्रीमेंट दिया गया था। डेलॉयट टच तोहमात्सु इंडिया एलएलपी द्वारा कार्यबल एवं वेतन बढ़ोतरी के रुझानों के लिए किए गए 2021 के पहले चरण के सर्वेक्षण में पाया गया कि इस साल वेतन में औसत बढ़ोतरी 2020 के 4.4 प्रतिशत से अधिक, लेकिन 2019 के 8.6 प्रतिशत से कम रहेगी। इस साल सर्वेक्षण में शामिल होने वाली 92 प्रतिशत कंपनियों ने वेतन बढ़ोतरी की बात कही, जबकि पिछले साल सिर्फ 60 प्रतिशत ने ऐसा कहा था। 





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here